System Software क्या होता है, काम कैसे करता है एवं इसके प्रकार

Date:

आज आपको “System Software क्या होता है, कैसे काम करता है और इसके प्रकार कितने है? [System Software Kya Hota Hai, System Software Kam Kaise Karta Hai or Iske Prakar Kitne Hai] ” What is system software in Hindi के बारे में पूरी जानकारी बताने वाले हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

टेक्नोलॉजी की दुनिया से बहुत लोग परिचित होंगे और होने भी चाहिए। जब बात electronic gadgets की आती है तो लोग उसके फंक्शन और वर्क की efficiency को देखते है। यदि हम बात करे मोबाइल या laptop जैसे डिवाइसेज की तो इसमें सबसे पहले लोग इसके सॉफ्टवेयर पर जाते है। आप सभी ने सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का नाम तो सुना ही होगा। आज हम बात करेंगे system software की। इसके बारे में जानने से पहले आपको सॉफ्टवेयर के बारे में पता होना चाहिए।

Related – Mobile Number Se Location Kaise Pata Kare? मोबाइल नंबर से लोकेशन कैसे पता करे

Software क्या होता है?

सॉफ़्टवेयर instructions का एक सेट है, जो functions को करने के लिए डिजाइन किया गया है और यह कंप्यूटर को बताता है कि कैसे काम करना है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है, system software और application software। सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर programs का एक सेट है जिसे सिस्टम रिसोर्सेज को मैनेज करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ऐसी Files और utility programs का एक ग्रुप है जो आपके कंप्यूटर सिस्टम को अन्य हार्डवेयर के साथ चलाने और सुचारू रूप से चलाने के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा, यह operating system (OS) को चलाने और कंप्यूटर डिवाइस को पूरी तरह से मैनेज करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है।

System Software क्या है?

System Software कंप्यूटर सिस्टम के रिसोर्सेज (Input और Output) को मैनेज करने के लिए आवश्यक सबसे महत्वपूर्ण प्रकार का software है। System Software एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ internally run और work करता है। इसके अलावा यह हार्डवेयर डिवाइस और end user के बीच एक Linking Interface के रूप में काम करता है।

Related – Technology Ke Fayde Aur Nuksan जानिए

System Software की परिभाषा?

System Software एक प्रकार का कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है जो दूसरे सॉफ्टवेयर को चलने के लिए एक platform प्रदान करता है। यह मेमोरी, इनपुट/आउटपुट डिवाइस और अन्य सिस्टम कंपोनेंट्स सहित कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर रिसोर्सेज को मैनेज और कंट्रोल करने के लिए जाना जाता है। System software में operating system, device driver, firmware और utility software शामिल हैं, और इसके ही मदद से यह सुनिश्चित होता है कि होता है कि कंप्यूटर सिस्टम सुचारू रूप से और कुशलता से चल रहा है की नही।

System Software की विशेषताएं

अब हम आपको सिस्टम सॉफ्टवेयर की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं से परिचित कराना चाहते है जोकि इस प्रकार है,

  • सिस्टम सोफ्टवेयर डिजाइन करना बहुत कठिन है।
  • सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को सीधे हार्डवेयर से connect के लिए जाना जाता है जो कंप्यूटर को चलाने में योग्य बनाता है।
  • सिस्टम सोफ्टवेयर में device driver भी शामिल होते हैं जो ऑपरेटिंग सिस्टम को हार्डवेयर डिवाइस के साथ communicate करने की अनुमति देते हैं।
  • utility program disc cleanup और file compression जैसे स्पेसिफिक कार्य करते हैं।
  • अन्य software application विकसित करने के लिए C, C++ और Java जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का उपयोग किया जाता है।
  • Security Software कंप्यूटर को Malware और unauthorized access से बचाता है।
  • Manipulation में कठिनाइयाँ होती है।
  • यह size में छोटा होता है।
  • सिस्टम सॉफ्टवेयर को समझना कठिन माना जाता है।
  • यह आमतौर पर low level language में लिखा जाता है।
  • कंप्यूटर सिस्टम के सुचारू कामकाज के लिए इसकी efficiency अच्छी होना चाहिए।

System Software के कितने प्रकार होते है?

जैसा कि हमें पता है System Software कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर रिसोर्सेस को मैनेज और कंट्रोल करता है। इसमें memory management,device driver management और process management जैसे कार्य शामिल हैं।

System software कई प्रकार के होते हैं, जिनमें शामिल हैं:

1_ Operating system (OS) – यह सबसे सामान्य प्रकार के सिस्टम सॉफ्टवेयर माना जाता है और यूजर्स और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच interface प्रदान करते हैं। यदि आप operating system (OS) और system software में कन्फ्यूज हो रहे तो आपको यह पता होना चाहिए की दोनो एक ही चीज है बस थोड़ा सा अंतर है। एक OS किसी भी कंप्यूटर डिवाइस का core बनाता है। एक ऑपरेटिंग सिस्टम के बिना कंप्यूटर सिस्टम का कामकाज और प्रोसेसिंग स्टॉप हो सकता है।

Operating system एक software program है जो smartphone, tablet computer, supercomputer, web server network tower और smart watch इत्यादि जैसे कंप्यूटिंग डिवाइस को मैनेज और ऑपरेट करने के लिए जरुरी है। यह Graphical Users Interface (GUI) की एक लेयर है। जो users और computer hardware के बीच एक मंच के रूप में कार्य करता है।

Data की प्रोसेसिंग, Application चलाना, File मैनेज और Memory को संभालना सभी का मैनेज कंप्यूटर OS ke जरिए किया जाता है। Windows,Mac,Android,Linux,Apple iOS आदि operating system के उदाहरण हैं जो साधारणतौर पर आजकल use किए जाते हैं।

आप कभी भी अपना डिवाइस जैसे मोबाइल लैपटॉप, कंप्यूटर आदि स्टार्ट करेंगे तो आपको स्टार्टिंग में डिवाइस के स्क्रीन पर ऑपरेटिंग सिस्टम नजर आएगा।

2. Device driver – डिवाइस ड्राइवर एक प्रकार का software है जो कंप्यूटर को उसके peripheral devices, जैसे प्रिंटर, स्कैनर और कीबोर्ड के साथ communicate करने की अनुमति देता है। हम आसान भाषा में समझे तो यह कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम और डिवाइस के बीच translator के रूप में कार्य करता है, जो कंप्यूटर को device से data भेजने और रिसीव करने में योग्य बनाता है। अगर यह डिवाइस ड्राइवर न हो तो, कंप्यूटर इन devices को पहचानने या उनका उपयोग करने में असमर्थ होगा।

उदाहरण के तौर पर इसको आप और आसानी से समझ सकते हैं जैसे डिवाइस ड्राइवर का एक उदाहरण Printer driver है जो Printer के साथ आता है। जब printer कंप्यूटर से कनेक्ट होता है तो ड्राइव कंप्यूटर को Printer के साथ communicate करने और उसे Print work send करने की अनुमति देता है। ड्राइवर यूजर्स को Printer की Settings को कंट्रोल करने के लिए ऑप्शन प्रोवाइड करता है, जैसे Print Quality और Page का size। Printer ड्राइवर के बिना,कंप्यूटर Printer को पहचानने या उसका उपयोग करने में सक्षम नहीं होगा।

3. Firmware – यह एक प्रकार का सिस्टम सोफ्टवेयर है जो computer motherboard स्मार्टफोन, टैबलेट, BIOS और Router जैसे electronic devices में स्थाई रूप से इंस्टॉल होता है। यह डिवाइस के हार्डवेयर को कंट्रोल करता है और इसे ठीक से काम करने के लिए जरुरी instructions प्रदान करता है। फर्मवेयर regular software से अलग होता है क्योंकि इसे यूजर्स द्वारा बदला या अपडेट् नहीं किया जाता है। इसके बजाय,इसे डिवाइस के हार्डवेयर के साथ बिना किसी परेशानी से काम करने और यह सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है ताकि यह सुचारू रूप से ऑपरेट हो।

Firmware को किसी भी फोन या टैबलेट का Brain माना जाता है। फर्मवेयर का एक उदाहरण स्मार्टवॉच में मौजूद फर्मवेयर है। फर्मवेयर watch के फंक्शन और सुविधाओं को कंट्रोल करता है, जैसे Display,Censor और Connectivity Option। यह सुनिश्चित करता है कि Watch सुचारू रूप से काम करती है और अलग-अलग कंपोनेंट काम करते हैं। फर्मवेयर के बिना watch अपने अपने किसी फंक्शन को करने में योग्य नहीं होगी और अनिवार्य रूप से बेकार हो जाएगी।

4. Utility Software – यूटिलिटी सॉफ्टवेयर एक प्रकार का सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर को मैनेज और बनाए रखने में सहायता के लिए स्पेसिफिक कार्य करता है। Utility software के उदाहरणों में डिस्क क्लीनअप, file compression और Antivirus program शामिल हैं। ये प्रोग्राम कंप्यूटर को अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी रूप से चलाने के लिए बनाए गए हैं।

कुल मिलाकर सिस्टम सॉफ़्टवेयर के जितने प्रकार है वह सभी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि कंप्यूटर सिस्टम सुचारू रूप से और कुशलता से चले।

Related – Robot Kya Hai Aur Kaise Kam Karta Hai??

सिस्टम सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है?

आपको अभी तक सिस्टम सॉफ्टवेयर के बारे में मालूम हो गया होगा लेकिन क्या आपको पता है यह कार्य कैसे करता है। आइए जानते है इसके कार्य करने के स्टेप्स को।

जब कोई डिवाइस start होता है तो सिस्टम सॉफ्टवेयर या ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस की memory में लोड हो जाता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस के रिसोर्सेज, जैसे memory, CPU और storage को मैनेज करता है और इन रिसोर्सेज को डिवाइस पर चल रहे अलग अलग प्रोग्रामों को अलॉट करता है।

सिस्टम सॉफ्टवेयर डिवाइसेज में उसी तरह काम करता है जैसे वह कंप्यूटर पर काम करता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर डिवाइस पर अन्य सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों को अलग अलग सर्विस भी प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, यह file management service प्रदान करता है जो आपको Files create,Open, Edit, Save और remove करने की अनुमति देता है। यह Networking services भी प्रदान करता है जो आपको अन्य devices से जुड़ने और रिसोर्सेज को share करने की अनुमति देता है।

इन services के अलावा, devices में सिस्टम सॉफ़्टवेयर में ज्यादातर अलग facility शामिल होती हैं जो डिवाइस के लिए स्पेसिफिक होती हैं। For example, smartphone में सिस्टम software में GPS navigation,Camera control और Touch screen इनपुट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

Related – Output Device Kya Hai? इसके प्रकार जानिए – Output Device in Hindi

System software के उदाहरण

  • Windows,Macos और Linux जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम
  • डिवाइस ड्राइवर जो printer, scanner और graphic card जैसे हार्डवेयर components को नियंत्रित करते हैं।
  • Antivirus Software और Backup Software जैसे यूटिलिटी प्रोग्राम।
  • Programming language और compiler जो डेवलपर्स को सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बनाने में सक्षम बनाते हैं।
  • फर्मवेयर जो BIOS या UEFI जैसे हार्डवेयर components के बेसिक कार्यों को control करता है।
  • नेटवर्क प्रोटोकॉल जो नेटवर्क पर डिवाइसेज के बीच communication को सक्षम बनाता है।
  • Database management system जो डेटाबेस के निर्माण और मैनेजमेंट को सक्षम बनाती हैं।

Related – Diesel Engine aur Petrol Engine Mein Antar Kya Hai

निष्कर्ष

सिस्टम सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर सिस्टम का backbone है। यह Hardware और Software component के बीच एक इंटरफेस प्रदान करता है और प्रोसेस और कार्यों को मैनेज करता है और आपके कंप्यूटर के मैनेजमेंट के लिए यूटिलिटी प्रदान करता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर के बिना आपका कंप्यूटर ठीक से काम नहीं कर पाएगा।

आपको सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या होता है एवं सिस्टम सॉफ्टवेयर के कार्य क्या है तथा सिस्टम सॉफ्टवेयर चार प्रकार के कौन-कौन से होते हैं के बारे में दूसरी जानकारी हमने आप तक पहुंचाई। मुझे उम्मीद है कि आपको सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या होता है के बारे में जानकारी अच्छे से समझ में आ गई होगी, अगर आपके मन में सिस्टम सॉफ्टवेयर से संबंधित कोई प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में भेज सकते हैं ताकि हम आपको सिस्टम सॉफ्टवेयर की परिभाषा को और अच्छे से समझा पाए।

FAQ,s

सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या है उदाहरण?

System Software कंप्यूटर सिस्टम के रिसोर्सेज (Input और Output) को मैनेज करने के लिए आवश्यक सबसे महत्वपूर्ण प्रकार का software है। System Software एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ internally run और work करता है। इसके अलावा यह हार्डवेयर डिवाइस और end user के बीच एक Linking Interface के रूप में काम करता है।

सिस्टम सॉफ्टवेयर का क्या कार्य है?

जब कोई डिवाइस start होता है तो सिस्टम सॉफ्टवेयर या ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस की memory में लोड हो जाता है।ऑपरेटिंग सिस्टम डिवाइस के रिसोर्सेज, जैसे memory, CPU और storage को मैनेज करता है और इन रिसोर्सेज को डिवाइस पर चल रहे अलग अलग प्रोग्रामों को अलॉट करता है।

keshav Barkule
keshav Barkulehttps://hindimeindia.com
Mera Naam keshav B. Barkule। Mein Hindimeindia.com Blog Ka Owner Hun। Hindi Me india Blog Par Technology, Software, Internet, Computer, Blogging, Earn Money Online Evam Education Se Related Latest Information Dete Hai.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

How to free make money online – ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं.

ऑनलाइन पैसे कमाने के कई तरीके हैं। यहां कुछ...

Front End Developer – कैसे बने इन 2024.

2024 में फ्रंट एंड डेवलपर कैसे बनें Front End Developer...

Email ID कैसे बनाये.

ईमेल आईडी बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन...

SEO कैसे करे और अपने ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ाये?

एक beginning जो नया नया blogging कर रहा है...