SDM कैसे बने? एसडीएम के कार्य, सैलरी, भर्ती प्रक्रिया, अधिकार – SDM in Hindi

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क्या आप जानते हैं SDM कैसे बने? एसडीएम एसडीएम के कार्य, एसडीएम की सैलरी, एसडीएम भर्ती प्रक्रिया, अधिकार ( How to become SDM? SDM’s work, salary, recruitment process, authority in Hindi), अगर आप नही जानते कि SDM Kaise Bane, SDM Ke Karya Kya Hai, SDM Ki Sallary Kitni Hoti Hai, SDM Ki Bharti Kaise Hoti Hai तो कोई बात नहीं।

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आज हम आपको एसडीएम कौन होता है, एसडीएम का काम क्या होता है, एसडीएम के कर्त्तव्य और अधिकार क्या होते है, एसडीएम बनने के लिए योग्यता क्या होना चाहिए और एसडीएम को क्या सुविधाऐं मिलती है आदि, के बारे में विस्तृत जानकारी देने वाले हैं।

दोस्तों हर मां-बाप का सपना होता है कि उनका बच्चा बड़ा होकर अधिकारी बने और उनका नाम रोशन करें। लाखों बच्चे सरकारी नौकरी के तैयारी में लगे रहते हैं। बहुत से बच्चे सिविल सर्विसेज के एग्जाम के तैयारी के लिए अपना बहुमूल्य समय लगाते है क्योंकि यह एक ऐसी नौकरी है जिसको पाने के लिए लाखों लोग कड़ी मेहनत करते हैं और उनमें से बहुत कम ही होते है जो यह नौकरी प्राप्त करते है। एक प्रकार से देखा जाए तो इस नौकरी के लिए बहुत मेहनत और संघर्ष करने की आवश्यकता होती है। आज हम बात करेंगे एक ऐसी ऑफिसर रैंक की नौकरी के बारे में जिनका जिक्र लोग सुनते ही फूले नही समाते। आईए जानते हैं SDM के बारे में।

SDM क्या होते है?

एक SDM गवर्नमेंट ऑफिसर होता है या आप कह सकते है की यह PCS रैंकिंग का ऑफिसर होता है। जो Indian Administrative System में एक प्रमुख प्रशासनिक पद धारण किए रखता है। SDM एक Sub Divisional की एडमिनिस्ट्रेटिव और डेवलपमेंटल एक्टिविटीज की देखरेख के लिए जिम्मेदार होता है,जो एक जिले के अंदर एक छोटी administrative unit है। SDM का appointment राज्य सरकार द्वारा किया जाता है और वह District Magistrate को रिपोर्ट करता है अर्थात SDM DM से छोटा माना जाता है और DM की हर बात SDM को माननी पड़ती है। हम आपको बता दे की SDM पद A Group के अंतर्गत आता है।

SDM का प्राइमरी रोल Sub Division (जिले के उपखंड) में law and order को बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि government policy और plans को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उनके पास अलग अलग प्रमाण पत्र जैसे Domicile (निवास) सर्टिफिकेट, Caste (जाति) सर्टिफिकेट ,Income(आय) सार्टिफिकेट और अन्य महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट जारी करने का भी अधिकार है। आपने देखा होगा की किसी को आगे उपर्युक्त डॉक्यूमेंट्स बनवाना होता है तो SDM के पास जाना होता है और उसकी मोहर लगती है। SDM तमाम मामलों जैसे जमीन विवाद, इलेक्शन से जुड़े मुद्दे और अन्य सिविल अफेयर्स की जांच करने के लिए भी जिम्मेदार है।

इन सभी role के अलावा,एक SDM प्राकृतिक नेचुरल डिसास्टर् या इमरजेंसी स्थिति के दौरान भी अहम रोल निभाता है। SDM उन आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत और रहने की व्यवस्था प्रदान करने के लिए अलग अलग गवर्नमेंट एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हैं। वे राहत से जुड़ी चीजों के वितरण की भी निगरानी करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि प्रभावित लोगों को भोजन,पानी और आश्रय जैसी बेसिक सुविधाएं प्रदान की जाएं।

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SDM कैसे बने और क्या योग्यता (Eligibility) होनी चाहिए?

भारत में Sub Divisional Magistrate बनने के लिए किसी को नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा:

  • एजुकेशनल योग्यता : कैंडिडेट्स को किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट्स में Bachelor (BSc,BCom,BBA,BA,BTech आदि) की Degree पूरी करनी होगी।
  • आयु सीमा : कैंडिडेटस की आयु 21 से 32 year के बीच होनी चाहिए। रिजर्व कैटेगरी (SC/ST/OBC) के कैंडिडेट्स के लिए age में छूट दी जाती है। ऊपरी आयु सीमा कई States में अलग अलग हो सकती है।
  • राष्ट्रीयता: कैंडिडेट्स को भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • फिजिकल हेल्थ : कैंडिडेट्स को फिजिकली और मेंटली स्वस्थ होना चाहिए।
  • भाषा दक्षता: कैंडिएड्ट्स को उस राज्य की लोकल भाषा में प्रोफिशिएंसी होनी चाहिए जहां वे पद के लिए आवेदन कर रहे हैं।
  • चयन प्रक्रिया : SDM के लिए सिलेक्शन प्रॉसेस अलग अलग राज्यों में अलग अलग होती है। आम तौर पर कैंडिडेट्स को Written exam के बाद Interview देना होता है।
  • सिविल सर्विस एग्जाम : कैंडिडेट्स को UPSC  द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम में शामिल होना होगा।

BSDM पोस्ट की भर्ती के लिए एक तरह के एग्जाम और होता है। आप उस तरीके से SDM बन सकते हैं। State Public Service Commission (State PSC) द्वारा आयोजित होने वाली सिविल सर्विस एग्जाम (CSE Exam) pass करके।

SDM बनने के लिए कैंडिडेट्स को UPSC द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम जो की तीन स्टेप में करवाई जाती है। एग्जाम के तीन स्टेप हैं – प्रारंभिक (Pre), मुख्य (Mains) और इंटरव्यू।

  • प्रारंभिक परीक्षा: प्री एग्जाम में दो पेपर होते हैं – जनरल स्टडीज और सिविल सर्विस एबिल्टी टेस्ट (CSAT)। इस एग्जाम में पास होने वाले कैंडिडेट्स Mains Exam में बैठने के लिए योग्य होते हैं।
  • मुख्य परीक्षा: Mains Exam में टोटल 9 पेपर होते हैं, जिसमें Essay writing,Language के पेपर और Optional Subjects शामिल होते हैं। जिनमें से 7 narrative और दो qualifying paper होते हैं।  
  • इंटरव्यू: Mains Exam में पास होने वाले कैंडिडेट्स को UPSC द्वारा आयोजित इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इंटरव्यू पैनल कैंडिडेट्स के personality, communication skill और knowledge का परखते है। इंटरव्यू 275 मार्क्स के लिए आयोजित किया जाता है।
  • ट्रेनिंग: इंटरव्यू क्वालीफाई करने के बाद कैंडिडेट्स को Mussoorie में लाल Lal Bahadur Shastri National Administration Academy जिसको शॉर्ट फॉर्म में LBSNAA कहते है, यही पर इनकी ट्रेनिंग की शुरुआत होती है। ट्रेनिंग पूरा करने के बाद कैंडिडेट्स को राज्य सरकार द्वारा Sub Divisional Magistrate के रूप में नियुक्त किया जाता है।

कुल मिलाकर Sub Divisional Magistrate बनने के लिए कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता की जरूरत होती है। यह एक बहुत सम्मानित और चुनौतीपूर्ण काम है जिसमें लोगों की सेवा करना और Subdivision में law and order को बनाए रखना शामिल है।

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SDM के कार्य ड्यूटीस या जिम्मेदारी क्या होती है?

जैसा कि हमे पता है की SDM एक Sub Division के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है और जो एक जिले की एक छोटी प्रशासनिक यूनिट होती है। एक SDM का कर्तव्य उतना ही जटिल होता जितना की इस नौकरी को हासिल करना होता है। आइए जानते है SDM की ड्यूटी या जिम्मेदारी के बारे में जोकि इस प्रकार है:

  • Law and Order को बनाए रखना: एक SDM की बेसिक जिम्मेदारियों में से एक Sub Division में कानून और व्यवस्था बनाए रखना होता है। वे किसी भी शांति भंग या अहिंसा को रोकने और पब्लिक सेफ्टी बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ मिलकर काम करते हैं।  वे Sub Division में किसी भी प्रकार की क्राइम एक्टिविटीज को रोकने और कंट्रोल करने के लिए भी उपाय करते हैं।
  • गवर्नमेंट पॉलिसीज को लागू करना: SDM SubDivision में अलग अलग गर्वनमेंट पॉलिसीज को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। वे पानी, बिजली और स्वास्थ्य देखभाल जैसी बेसिक फैसिलिटीज प्रदान करने, बेसिक स्ट्रक्चर् में सुधार करने और लोगों के कल्याण के लिए प्लांस को लागू करने की दिशा में काम करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि गर्वनमेंट पॉलिसीज को effectively और skillfully लागू किया जाए।
  • रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन: SDM Sub Division में रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन और  टैक्स के कलेक्शन की देखरेख करता है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार या तालुका के साथ मिलकर काम करते हैं कि Tax कुशलतापूर्वक कलेक्ट किए जाए और लैंड रिकॉर्ड ठीक से बनाए रखा जाए। SDM राजस्व प्रशासन में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उचित उपाय करते हैं।
  • भूमि विवाद का समाधान करना: अक्सर जमीन विवाद का मामला चलता रहता है जिससे बहुत घटनाए होने का डर बना रहता है। Sub Division में जमीन से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए लोग SDM के ऑफिस की राह देखते है। SDM यह सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार और दूसरे ऑफिसर्स के साथ मिलकर काम करते हैं जिससे जमीन विवादो का तत्काल और निष्पक्ष समाधान निकाला जा सके। वे किसी भी प्रकार की illegal भूमि कब्ज़ा या अतिक्रमण को रोकने के लिए भी उपाय करते हैं।
  • संपूर्ण विकास: Subdivision के संपूर्ण विकास में SDM की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे बेसिक स्ट्रक्चर में सुधार,बेसिक सुविधाऐं प्रोवाइड करने और लोगों के कल्याण के लिए काफी सारी government plans को लागू करने के लिए Block District Officer (BDO) के साथ मिलकर काम करते हैं। वे Subdivision में इकोनॉमिक डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और एम्प्लॉयमेंट के अवसर उत्पन्न करने के लिए भी उपाय करते हैं।

SDM Subdivision के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वे Road School, Hospital और अन्य बेसिक स्ट्रक्चर जैसी डेवलपमेंटल पॉलिसीज की योजना बनाने और उन्हें लागू करने के लिए अलग अलग विभागों के साथ मिलकर काम करते हैं

  • प्रशासनिक मामले: SDM Subdivision में अलग अलग एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों के लिए जिम्मेदार है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए Assistant Commissioner और अन्य Officers के साथ मिलकर काम करते है ताकि इससे जुड़े मामलों को कुशलतापूर्वक संभाला जाए और उसका निवारण किया जाए। वे इस मामले में किसी भी प्रकार के करप्शन या फ्रॉड को रोकने के लिए भी उपाय करते हैं।
  • डिजास्टर मैनेजमेंट : Subdivision में डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए SDM जिम्मेदार होता है। वे बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान डिजास्टर मैनेजमेंट स्ट्रेटजीज की योजना बनाने और उन्हें लागू करने के लिए तमाम डिपार्टमेंट के साथ काम करते हैं।
  • इलेक्शन: Subdivision में इलेक्शन कराने की जिम्मेदारी SDM की होती है। वे सुनिश्चित करते हैं कि इलेक्शन प्रोसेस सुचारू रूप से और बिना किसी हड़कंप के पूरी हो।
  • पब्लिक सर्विस: SDM License, Certificate and Permit जारी करने जैसी पब्लिक सर्विस प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है। 
  • ज्यूडिशियल कार्य: SDM कुछ ज्यूडिशियल वर्क करता है जैसे पूछताछ करना, वारंट जारी करना और जमानत देना आदि। वे कुछ मामलों में Magistrate के रूप में भी कार्य करते हैं।

कुल मिलाकर एक SDM का होना फायदेमंद है क्योंकि उपर्युक्त जिम्मेदारियों को निभाने के साथ साथ Subdivision के संपूर्ण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं कि Subdivision सुचारू रूप से और कुशलता से चले।

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SDM के अंतर्गत क्या क्या Post आती है?

SDM एक सरकारी अधिकारी होता है जिसके under मे Subdivision के अंतर्गत कार्य को संभालने की जिम्मेदारी होती है। SDM Subdivision का प्रमुख होता है। सब-डिवीजन SDM कुछ पद इस प्रकार हैं:

1. तहसीलदार(Tehsildar): Subdivision में रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन और टैक्स कलेक्शन के लिए तहसीलदार जिम्मेदार है। वे लैंड रिकार्ड बनाए रखने और जमीन से जुड़े मामले को सुलझाने के लिए भी जिम्मेदार हैं।

2. खंड विकास अधिकारी (Block District Officer BDO): BDO Subdivision में Block के सभी विकास के लिए जिम्मेदार होता है। वे बेसिक स्ट्रक्चर में सुधार, बेसिक फैसिलिटीज प्रदान करने और लोगों के कल्याण के लिए सरकारी योजनाओं को लागू करने की दिशा में काम करते हैं।

 3. सब-रजिस्ट्रार (Sub-Registrar) : Sub Registrar subdivision में प्रॉपर्टी से जुड़े कामों, वसीयत और समझौतों जैसे तमाम डॉक्यूमेंट्स को रजिस्टर्ड करने के लिए जिम्मेदार है।

4. कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) : इस पद पर धारण लोग law and order बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है।  उनके पास किसी भी शांति भंग को रोकने और पब्लिक सेफ्टी बनाए रखने के लिए आदेश जारी करने की शक्ति होती है।

5. सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner AC) : AC प्रशासन से जुड़े मामलों में SDM की सहायता करता है और Subdivision में विभिन्न डिपार्टमेंट के बीच कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य करता है।

SDM के under ये post Subdivision के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने और लोगों के कल्याण के लिए तामाम तरह की पॉलिसीज को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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SDM का प्रमोशन कैसे होता है?

किसी भी नौकरी के लिए अगर प्रमोशन चाहिए होता है तो प्रमोशन देने वाला आपके कार्यकाल का इतिहास देखता है ठीक उसी प्रकार SDM का प्रमोशन उनके experience representation और ability पर आधारित होती है। एक SDM के लिए प्रमोशन Post Wise इस प्रकार है:

  • एसडीएम (SDM) : यह Magistrate के लिए एंट्री लेवल का पद है। एक SDM अपने ज्यूडिशियल में कानून और व्यवस्था बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होता है कि गर्वनमेंट पॉलिसीज को ठीक से लागू किया जाए।
  • अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (Additional District Magistrate ADM) : जब कुछ साल तक SDM के कार्य करने के बाद एक ऑफिसर को ADM के पद पर promoted किया जा सकता है।  एक ADM के पास एक SDM से अधिक जिम्मेदारियां होती हैं और वह अपने जिले के पूरे प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है।
  • जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate DM): एक ADM के लिए प्रमोशन का अगला लेवल DM बनना होता है। एक DM अपने District के संपूर्ण प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है, जिसमें law and order, revenue collection और gov.policies का एक्जिक्यूशन शामिल है।
  • मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) : कुछ सालों तक DM के रूप में कार्य करने के बाद एक ऑफिसर को DC के पद पर promoted किया जा सकता है। एक DC अपने Division के संपूर्ण प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है जिसमें कई District शामिल होते हैं।
  • सचिव (Secretary) : एक SDM के लिए प्रमोशन का Highest लेवल स्टेट गर्वनमेंट में सचिव बनना है। एक सचिव अपने डिपार्टमेंट में गवर्नमेंट पॉलिसीज और प्रोग्राम्स के एक्जिक्यूशन के लिए जिम्मेदार होता है।

कुल मिलाकर एक SDM का प्रमोशन उनके प्रदर्शन, अनुभव और योग्यता पर आधारित होती है। अधिकारी को next level पर प्रमोशन होने के लिए अलग अलग एग्जाम्स और इंटरव्यू को पास करना होता है। 

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SDM बनने से क्या क्या लाभ मिलते है?

  • नौकरी की सुरक्षा: गवर्नमेंट कर्मचारी होने के कारण SDM को जॉब सिक्योरिटी प्राप्त होती है।
  • सैलरी और भत्ते: SDM को अच्छा सैलरी और रेजिडेंस,medical allowance और travel allowance जैसे कई प्रकार के allowance मिलते हैं।
  • सम्मान: SDM का पद गौरवपूर्ण होता है और समाज में इसे बहुत सम्मान मिलता है।
  • विकास के अवसर: SDM के पास उनके प्रदर्शन और अनुभव के आधार पर विकास और High Post पर प्रमोशन के अवसर हैं।
  • विभिन्न क्षेत्रों में experience: एक SDM के रूप में,व्यक्ति को law, administration और public service जैसे कई क्षेत्रों में अनुभव मिलता है।
  • जनता की सेवा करने का मौका: SDM के पास जनता की सेवा करने और समाज पर पॉजिटिव प्रभाव डालने का अवसर है।
  • ट्रेनिंग और विकास: SDM को अपने skill और knowledge को बढ़ाने के लिए रेगुअलर ट्रेनिंग और डेवलपमेंट कार्यक्रम प्राप्त होते हैं।
  • रिटायरमेंट लाभ: SDM अपना service period को पूरा करने के बाद Pension और Gratuity जैसे लाभों के हकदार होते हैं।
  • नौकरी से संतुष्टि: एक SDM की भूमिका चुनौतीपूर्ण होती है और जनता की सेवा करने और उनके जीवन में बदलाव लाने में संतुष्टि की भावना प्राप्त होती है।
  • वर्क लाइफ बैलेंस: SDM एक अच्छे कार्य जीवन बैलेंस का आनंद लेते हैं क्योंकि उनके दिन के काम का समय  निश्चित होता हैं और वे छुट्टी और अन्य लाभों के हकदार होते हैं। उनका जितने घंटे काम निश्चित होता है वो उतने ही घंटे काम करते है।
  • सोशल स्टेटस : SDM का पद एक हाई सोशल स्टेटस रखता है जो पर्सनल और प्रोफेशनल विकास में मदद कर सकता है।
  • रिसोर्सेज तक पहुंच: SDM के पास गर्वनमेंट फंडिंग, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्सनेल जैसे अलग अलग रिसोर्सेज तक पहुंच है जो विकास परियोजनाओं को लागू करने में मदद कर सकते हैं।
  • इनोवेशन के अवसर: SDM को प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने और गवर्नमेंट में सुधार के लिए इनोवेशन करने और नए ideas को प्रेजेंट करनें की आजादी है है।
  • जिम्मेदारी की भावना: एक SDM के रूप में व्यक्ति में पब्लिक और कम्युनिटी के प्रति जिम्मेदारी की भावना होती है। 

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SDM की सैलरी कितनी होती है?

यदि हम SDM के सैलरी की बात करे तो उनकी सैलरी उनके experience और जिस राज्य में वे तैनात हैं,उसके आधार पर अलग अलग होती है।  यदि Average Salary की बात करे तो एक SDM का शुरुआती सैलरी 50,000 रुपए से लेकर 70,000 रुपए per month होती है।  हालांकि experience और promotion के साथ उनकी सैलरी 20 हजार रुपये तक बढ़ सकती है और 1,00,000 रुपए per month हो जाती है।

कुल मिलाकर एक SDM की सैलरी काफी अच्छी मानी जाती है और यही एक कारण है कि कई लोग गवर्मेंट ऑफिसर बनने की इच्छा रखते हैं।

SDM का Full Form क्या होता है?

SDM का full form Sub District Magistrate होता है। एक SDM OFFICER एक गवर्मेंट ऑफिसर होता है जो एक Sub Divisional Area के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है। Sub Divisional Area आमतौर पर एक district का हिस्सा होता है और जिले से छोटा होता है लेकिन तहसील जिसे तालुका कहते है उससे बड़ा होता है। SDM Officer law and order बनाए रखने, गवर्नमेंट पॉलिसी को एक्जीक्यूट करने और सब डिवीजन में प्रशासन के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। SDM OFFICER revenue collection, land record और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए भी बनाया जाता है।  

FAQ,s

SDM क्या काम करता है?

एसडीएम (SDM) : यह Magistrate के लिए एंट्री लेवल का पद है। एक SDM अपने ज्यूडिशियल में कानून और व्यवस्था बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होता है कि गर्वनमेंट पॉलिसीज को ठीक से लागू किया जाए । SDM के कुछ कार्य निम्न है –
• Law and Order को बनाए रखना।
• गवर्नमेंट पॉलिसीज को लागू करना।
• रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन।
• भूमि विवाद का समाधान करना।
• संपूर्ण विकास की जिम्मेदारी।

SDM कौन बनता है?

भारत में Sub Divisional Magistrate बनने के लिए किसी को नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा:
एजुकेशनल योग्यता : कैंडिडेट्स को किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट्स में Bachelor (BSc,BCom,BBA,BA,BTech आदि) की Degree पूरी करनी होगी।
आयु सीमा : कैंडिडेटस की आयु 21 से 32 year के बीच होनी चाहिए। रिजर्व कैटेगरी (SC/ST/OBC) के कैंडिडेट्स के लिए age में छूट दी जाती है। ऊपरी आयु सीमा कई States में अलग अलग हो सकती है।
राष्ट्रीयता: कैंडिडेट्स को भारत का नागरिक होना चाहिए।
फिजिकल हेल्थ : कैंडिडेट्स को फिजिकली और मेंटली स्वस्थ होना चाहिए।
भाषा दक्षता: कैंडिएड्ट्स को उस राज्य की लोकल भाषा में प्रोफिशिएंसी होनी चाहिए जहां वे पद के लिए आवेदन कर रहे हैं।
चयन प्रक्रिया : SDM के लिए सिलेक्शन प्रॉसेस अलग अलग राज्यों में अलग अलग होती है। आम तौर पर कैंडिडेट्स को Written exam के बाद Interview देना होता है।
सिविल सर्विस एग्जाम : कैंडिडेट्स को UPSC  द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम में शामिल होना होगा।

SDM बनने के लिए कौन सी परीक्षा देनी पड़ती है?

SDM बनने के लिए कैंडिडेट्स को UPSC द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम जो की तीन स्टेप में करवाई जाती है। एग्जाम के तीन स्टेप हैं – प्रारंभिक (Pre), मुख्य (Mains) और इंटरव्यू।
प्रारंभिक परीक्षा: प्री एग्जाम में दो पेपर होते हैं – जनरल स्टडीज और सिविल सर्विस एबिल्टी टेस्ट (CSAT)। इस एग्जाम में पास होने वाले कैंडिडेट्स Mains Exam में बैठने के लिए योग्य होते हैं।
मुख्य परीक्षा: Mains Exam में टोटल 9 पेपर होते हैं, जिसमें Essay writing,Language के पेपर और Optional Subjects शामिल होते हैं। जिनमें से 7 narrative और दो qualifying paper होते हैं।  
इंटरव्यू: Mains Exam में पास होने वाले कैंडिडेट्स को UPSC द्वारा आयोजित इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इंटरव्यू पैनल कैंडिडेट्स के personality, communication skill और knowledge का परखते है। इंटरव्यू 275 मार्क्स के लिए आयोजित किया जाता है।
ट्रेनिंग: इंटरव्यू क्वालीफाई करने के बाद कैंडिडेट्स को Mussoorie में लाल Lal Bahadur Shastri National Administration Academy जिसको शॉर्ट फॉर्म में LBSNAA कहते है, यही पर इनकी ट्रेनिंग की शुरुआत होती है। ट्रेनिंग पूरा करने के बाद कैंडिडेट्स को राज्य सरकार द्वारा Sub Divisional Magistrate के रूप में नियुक्त किया जाता है।

एसडीएम की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?

एक SDM का शुरुआती सैलरी 50,000 रुपए से लेकर 70,000 रुपए per month होती है।  हालांकि experience और promotion के साथ उनकी सैलरी 20 हजार रुपये तक बढ़ सकती है और 1,00,000 रुपए per month हो जाती है।

SDM के लिए योग्यता क्या है?

भारत में Sub Divisional Magistrate बनने के लिए किसी को नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा:
एजुकेशनल योग्यता : कैंडिडेट्स को किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट्स में Bachelor (BSc,BCom,BBA,BA,BTech आदि) की Degree पूरी करनी होगी।
आयु सीमा : कैंडिडेटस की आयु 21 से 32 year के बीच होनी चाहिए। रिजर्व कैटेगरी (SC/ST/OBC) के कैंडिडेट्स के लिए age में छूट दी जाती है। ऊपरी आयु सीमा कई States में अलग अलग हो सकती है।
राष्ट्रीयता: कैंडिडेट्स को भारत का नागरिक होना चाहिए।
फिजिकल हेल्थ : कैंडिडेट्स को फिजिकली और मेंटली स्वस्थ होना चाहिए।
भाषा दक्षता: कैंडिएड्ट्स को उस राज्य की लोकल भाषा में प्रोफिशिएंसी होनी चाहिए जहां वे पद के लिए आवेदन कर रहे हैं।
चयन प्रक्रिया : SDM के लिए सिलेक्शन प्रॉसेस अलग अलग राज्यों में अलग अलग होती है। आम तौर पर कैंडिडेट्स को Written exam के बाद Interview देना होता है।
सिविल सर्विस एग्जाम : कैंडिडेट्स को UPSC  द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम में शामिल होना होगा।

निष्कर्ष –

दोस्तो हम तमाम जानकारी के बाद इस निष्कर्ष पर है की SDM की नौकरी पाना आसान नहीं है। एक SDM सरकारी अधिकारी होता है जो एक Sub district के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। SDM Officer की नौकरी के लिए उच्च स्तर के डेडीकेशन, इंटीग्रिटी की आवश्यकता होती है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए अन्य गवर्नमेंट ऑफिसर्स, कम्युनिटी लीडर और सिटीजंस के साथ मिलकर काम करते हैं कि लोगों की जरूरतों को पूरी हो।

keshav Barkule
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Mera Naam keshav B. Barkule। Mein Hindimeindia.com Blog Ka Owner Hun। Hindi Me india Blog Par Technology, Software, Internet, Computer, Blogging, Earn Money Online Evam Education Se Related Latest Information Dete Hai.

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