ट्रेन का इंजन कितने सीसी का होता है?

Date:

आपको आज बताने वाले हैं की ट्रेन का इंजन कितने सीसी का होता है एवं कितना पावरफुल होता है Train Ka Engine Kitne CC Ka Hota Hai (How many cc is the train engine in Hindi) । अगर आप आज बैंक के बारे में और टेन के डिब्बे में लगे हुए इन जनों के बारे में अच्छे से जानकारी जानना चाहते हैं तो आर्टिकल को पूरा पढ़िए आपको Train का Engine कितने CC का होता है एवं उसकी क्षमता कितनी होती है कि बारे में पूरी इंफॉर्मेशन देने वाले हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Table of Contents

ट्रेन का इंजन कितने सीसी का होता है – How many cc is the train engine in Hindi

Kitne CC Ka Hota Hai Train Ka Engine: वर्तमान समय में ट्रेन का इंजन 16 सिलेंडर के साथ आता हैं। और जिसमें एक सिलेंडर की पॉवर 10,941 सीसी तक होती है। इसे अगर 16 से मल्टीप्लाई करें तो, एक इंजन की क्षमता करीबन 1,75,000 सीसी (क्यूबिक क्षमता) तक होती है।

Engine में CC का फुल फॉर्म

वैसे तो सीसी के अनेक फुल फॉर्म होते हैं लेकिन इंजन में सीसी का फुल फॉर्म Cubic centimeter होता है जिसे हिंदी में क्यूबिक क्षमता कहते हैं।

ट्रेन का इंजन कितना पावरफुल होता है

ट्रेन के बड़े बड़े और भारी भरकम डिब्बों को आगे खींचने के लिए लोकोमोटिव इंजन को बहुत पावरफुल बनाया जाता है। अधिक दूरी चलने के लिए एवं अधिक समय तक बिना खराब हुए, चलते रहने के लिए इसे काफी मजबूत और टिकाऊ भी बनाया जाता है। जैसे कि कार के इंजन की छमता को करीब 1000, 1200 और 1500cc में गिना जाता है इससे ट्रेन के इंजन की पॉवर का भी पता चलता है।

इंडिया में चलने वाले एक Diesel लोकोमोटिव Engine में 16 सिलेंडर होते हैं। बटा दे कि एक सिलेंडर में करीब 150 लीटर के करीबन डीजल का यूज होता है। अगर इसकी तुलना एक Car से करें तो, अक्सर एक कार का इंजन 3/4 सिलेंडर का होता है जिसमें 1/2 लीटर ईंधन का यूज भी होता है। एक Train के फ्यूल टैंक की कैपेसिटी 50 हजार लीटर तक की होती है। आप लोग इसी  से अनुमान लगा सकते हो कि  कि ट्रेन का इंजन कितना भारी होता है।

मित्रों डीजल लोको सिलेंडर की पॉवर 10,941 CC होती है। एक लीटर का अर्थ 1000 Cc होता है। मतलब कुल 16 सिलेंडर को मिलाकर ट्रेन के इंजन की पॉवर 175 लीटर की होती है।

Train के Engine के बारे में जानकारी

ट्रेनों के इंजन का साइज सीसी (सीसी से मापा जाने वाला इकाई) में मापा जाता है। यह साइज ट्रेन के आकार, उद्देश्य, और यात्रा की आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।

साधारणतः, शहरी छोटे ट्रेनों में इंजन की क्षमता 100 सीसी तक की होती है, जो छोटे दूरी के सफरों के लिए बनाए गए होते हैं। इनमें आमतौर पर डीजल या इलेक्ट्रिक इंजन्स होते हैं और ये शहर के अंदर की यात्रा के लिए उपयुक्त होते हैं।

बड़े और देशांतर ट्रेनों में इंजन की क्षमता बड़ी होती है। इनमें इंजनों की क्षमता लाखों सीसी तक हो सकती है, जो लंबी दूरी के यात्रा के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं। ये ट्रेन अक्सर विभिन्न व्यक्तिगत और व्यापारिक यात्राओं के लिए होते हैं।

कुछ विशेष ट्रेन जैसे कि हाइ-स्पीड ट्रेन्स, बुलेट ट्रेन्स, और महान रेल यात्राओं के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं और इनमें बहुत बड़े सीसी के इंजन होते हैं। ये ट्रेन उच्च गति और बड़ी दूरी को कवर करने की क्षमता रखती हैं।

इंजनों के अलावा, कुछ ट्रेन्स में मल्टीपल इंजन्स भी हो सकते हैं, जो कि विशेष यात्राओं और बड़े भार को संभालने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।

ट्रेनों के इंजन का साइज और क्षमता उनके उद्देश्य और उपयोग के हिसाब से विशेष रूप से निर्धारित किए जाते हैं, जिससे वे सुरक्षित, अनुकूल, और अधिक यात्राओं को संभाल सकें।

भारत में ट्रेन के इंजन की कीमत कितनी होती है विस्तार से जानिए

ट्रेन का इंजन डिब्बे  के वजन को खींचने के साथ-साथ ट्रेन में एक दूसरे से जुड़े सभी डिब्बों को भी खींचता है। इतने अधिक छमता वाले इंजन को तैयार करने में रेलवे विभाग करोड़ों रुपये खर्च करती है। भारत में प्रमुख दो तरह के इंजन, डीजल और इलेक्ट्रिक इंजिन का उपयोग किया जाता है। वर्तमान टाइम में 52 % ट्रेनें डीजल इंजन द्वारा चलती हैं। Electric ट्रैक पर Diesel Engine की परिचालन समस्या को दूर करने के लिए इन्हें Double Mode पर चलाया जा रहा है।

बता दें कि डुअल मोड वाले लोको इंजन की लागत लगभग 18 करोड़ रुपये के करीब होती है, इसके विपरित सिंगल मोड पर चलने वाले 4500 HP डीजल इंजन पर 10-13 करोड़ रुपये का तक का खर्च आता है । डुअल मोड वाले लोको इंजन वजन में भारी होते हैं और इनकी अधिकतम रफ्तार 136 किलोमीटर प्रति घंटे होती है।

भारत में ट्रेनों के इंजनों की कीमत विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है। इसमें इंजन के प्रकार, क्षमता, और ट्रेन निर्माता कंपनी का भी प्रभाव होता है। छोटे शहरी ट्रेनों के इंजनों की कीमत कुछ करोड़ रुपये से शुरू होती है, जबकि बड़े और दूरसंचार ट्रेनों के इंजन की कीमत करोड़ों तक जा सकती है।

इसमें इंजन के ब्रांड, तकनीकी फीचर्स, नई तकनीकों का उपयोग, डिज़ाइन की महत्ता, और उद्देश्य शामिल होते हैं। डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन्स की भीमतों में भी अंतर होता है।

इसके साथ ही, इंजनों के वर्णन और उनमें इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकों का भी महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। अधिक विकसित तकनीकी सुविधाओं वाले इंजनों की कीमत अधिक होती है।

इस तरह, ट्रेनों के इंजनों की कीमत विभिन्न प्रकार, क्षमता, और विशेषताओं पर निर्भर करती है और भारत में इसके विभिन्न मॉडल्स और प्रकारों की विस्तृत श्रृंखला होती है।

Related –

निष्कर्स –

लेख में ट्रेन का इंजिन कितने सीसी का होता है के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें हमने आपको ट्रेन का इंजिन कितने सीसी होता है और कितना पॉवर फूल होता है। और ट्रेन के इंजिन की कीमत कितनी होती है व Engine में cc का फुल फॉर्म क्या होता है के बारे में बताया। अगर आपको उक्त लेख से संबंधित कोई प्रश्न हो तो हमें बताए हम आपकी हेल्प करेंगे।

keshav Barkule
keshav Barkulehttps://hindimeindia.com
Mera Naam keshav B. Barkule। Mein Hindimeindia.com Blog Ka Owner Hun। Hindi Me india Blog Par Technology, Software, Internet, Computer, Blogging, Earn Money Online Evam Education Se Related Latest Information Dete Hai.

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

How to free make money online – ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं.

ऑनलाइन पैसे कमाने के कई तरीके हैं। यहां कुछ...

Front End Developer – कैसे बने इन 2024.

2024 में फ्रंट एंड डेवलपर कैसे बनें Front End Developer...

Email ID कैसे बनाये.

ईमेल आईडी बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन...

SEO कैसे करे और अपने ब्लॉग की ट्रैफिक बढ़ाये?

एक beginning जो नया नया blogging कर रहा है...